04 मई 2023, वैशाख शुक्ल 14
नरसिंह चतुर्दशी

नरसिंह जयंती के दिन ही भगवान विष्णु ने आधा नर और आधा सिंह का अवतार लिया था जिसे नरसिंह अवतार के रूप में जाना जाता है. इस पर्व को पूरे देश में मनाया जाता है.



भारत में वैष्णव संप्रदाय के मानने वाले इस पर्व को बहुत श्रद्धा भाव से मनाते हैं. मान्यता है कि नरसिंह भगवान विपत्ति के समय अपने भक्तों की रक्षा करते हैं.

नरसिंह जयंती वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है.

माना जाता है कि नरसिंह भगवान हर बड़े संकट से बचाते हैं. जिन लोगों के जीवन में आर्थिक संकट बना हुआ है, शत्रु परेशान कर रहे हैं या फिर कोई रोग लगातार पीड़ा पहुंचा रहा है तो ऐसे में नरसिंह जयंती पर भगवान नरसिंह की पूजा अच्छे परिणाम देने वाली मानी जाती है.

भगवान नरसिंह पूजा विधि -
भगवान नरसिंह की पूजा शाम के समय की जाती है। पूजा घर में भगवान नृसिंह और लक्ष्‍मीजी की प्रतिमा या फोटो स्‍थापित करें। इसके बाद वैद‍िक मंत्रों से पूजा करें। पूजा में फल, फूल, पंचमेवा, केसर, रोली, नार‍ियल, अक्षत, पीतांबर गंगाजल, काला तिल, पंच गव्‍य और हवन सामग्री का प्रयोग करें। भगवान विष्णु पीतांबर प्रिय है इस दिन इसका अर्पण करना चाहिए। पूजा समापन के बाद जरुरमंदों को दान करें।