| 22 सितम्बर 2023, भाद्रपद शुक्ल 7 राधा अष्टमी व्रत |
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कृष्ण जन्माष्टमी के करीब 15 दिन बाद राधा जन्माष्टमी मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन राधा जी का जन्म हुआ था।
इस त्यौहार की खास रौनक इनके जन्म स्थान बरसाने में देखने को मिलती है। बरसाना के लाड़िली जी मंदिर सहित अन्य सभी मंदिरों को इस दिन विशेष रूप से सजाया जाता है। |
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राधा अष्टमी का व्रत कैसे करें - ऐसा माना जाता है कि राधा रानी के प्राकट्य दिवस पर व्रत रखने से भगवान कृष्ण भी प्रसन्न होते हैं और मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से धन की कमी नहीं होती और घर में बरकत बनी रहती है। संतान और पति की लंबी आयु के लिए भी इस व्रत का विशेष महत्व है। |