| शरीर सुन्न हो जाने के घरेलु उपचार |
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कभी-कभी बैठे-बैठे या काम करते हुए शरीर का कोई अंग या त्वचा सुन्न हो जाती है| कुछ लोग देर तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते या पढ़ते-लिखते रहते हैं| इस कारण रक्तवाहिनीयों तथा मांसपेशियों में शिथिलता आ जाने से शरीर सुन्न हो जाता है| |
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1. पपीता और सरसों पपीते या शरीफे के बीजों को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर सुन्न होने वाले अंगों पर धीरे-धीरे मालिश करें| 2. सोंठ, लहसुन और पानी सुबह के समय शौच आदि से निपट कर सोंठ तथा लहसुन की दो कलियों को चबाकर ऊपर से पानी पी लें| यह प्रयोग आठ-दस दिनों तक लगातर करने से सुन्न स्थान ठीक हो जाता है| 3. अजवायन, लहसुन और तिली तेल तिली के तेल में एक चम्मच अजवायन तथा लहसुन की दो पूतियां कुचलकर डालें| फिर तेल को पका-छानकर शीशी में भर लें| इस तेल से सुन्न स्थान की मालिश करें| 4. बादाम बादाम का तेल मलने से सुन्न स्थान ठीक हो जाता है| 5. पीपल और सरसों पीपल के पेड़ की चार कोंपलें सरसों के तेल में मिलाकर आंच पर पकाएं| फिर छानकर इस तेल को काम में लाएं| 6. सोंठ, पीपल, लहसुन और पानी सोंठ, पीपल तथा लहसुन – सभी बराबर की मात्रा में लेकर सिल पर पानी के साथ पीस लें| फिर इसे लेप की तरह सुन्न स्थान पर लगाएं| 7. बादाम बादाम घिसकर लगाने से त्वचा स्वाभाविक हो जाती है| 8. कालीमिर्च और इलायची कालीमिर्च तथा लाल इलायची को पानी में पीसकर त्वचा पर लगाएं| 9. नारियल और जायफल 100 ग्राम नारियल के तेल में 5 ग्राम जायफल का चूर्ण मिलाकर त्वचा या अंग विशेष पर लगाएं| 10. लहसुन और पानी एक गांठ लहसुन और एक गांठ शुंठी पीस लें| इसके बाद पानी में घोलकर लेप बना लें| इस लेप को त्वचा पर लगाएं| 11. घी रात को सोते समय तलवों पर देशी घी की मालिश करें| इससे पैर का सुन्नपन खत्म हो जाएगा| 12. चोपचीनी, पीपरामूल, मक्खन और दूध 5 ग्राम चोपचीनी, 2 ग्राम पीपरामूल और 4 ग्राम मक्खन – तीनों को मिलाकर सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें| 13. बेल, पीपल, चित्रक और दूध बेल की जड़, पीपल और चित्रक को बराबर की मात्रा में लेकर आधा किलो दूध में औटाएं| फिर रात को सोते समय उसे पी जाएं| 14. सैन्धव तेल सैन्धव तेल की मालिश से सुन्नपन में काफी लाभ होता है| शरीर सुन्न हो जाने का कारण शरीर के किसी अंग के सुन्न होने का प्रमुख कारण वायु का कुपित होना है| इसी से वह अंग भाव शून्य हो जाता है| लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि खून के संचरण में रुकावट पैदा होने से सुन्नता आती है| यदि शरीर के किसी विशेष भाग को पूरी मात्रा में शुद्ध वायु नहीं मिलती तो भी शरीर का वह भाग सुन्न पड़ जाता है| शरीर सुन्न हो जाने की पहचान जो अंग सुन्न हो जाता है, उसमें हल्की झनझनाहट होती है| उसके बाद लगता है कि वह अंग सुन्न हो गया है| सुई चुभने की तरह उस अंग में धीरे-धीरे लपकन-सी पड़ती है, लेकिन दर्द नहीं मालूम पड |