| टोफू के फायदे, स्वास्थ्य लाभ और नुकसान |
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ध्यान रहे यहां बताए टोफू पनीर के फायदे बीमारी से बचाने या बीमारी के अवस्था में कुछ लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इन्हें किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का इलाज न समझें। चलिए, जानते हैं टोफू पनीर के फायदे :
टोफू में है आइसोफ्लेवोन्स टोफू आइसोफ्लेवोंस का अच्छा स्त्रोत है। आइसोफ्लेवोंस एक प्रकार के पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो हार्मोन से संबंधित कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। अगर महिलाएं अपनी डाइट में संतुलित मात्रा में सोया युक्त खाद्य पदार्थ को शामिल करें, तो उनमें ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर का जोखिम कम हो सकता है । हृदय के लिए टोफू के फायदे टोफू का सेवन हृदय रोग के खतरे को भी कम कर सकता है। यह बात एक स्टडी में सामने आई है। जिन पुरुष और महिलाओं ने हफ्ते में एक बार टोफू का सेवन किया है, उनमें हृदय रोग का खतरा उन लोगों से कम पाया गया, जिन्होंने महीने में सिर्फ एक बार टोफू का सेवन किया। टोफू में मौजूद आइसोफ्लेवोंस हृदय रोग के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं । ऐसे में हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए हफ्ते में कम से कम एक दिन डाइट में टोफू को शामिल कर सकते हैं । डायबिटीज के लिए टोफू के फायदे डायबिटीज की समस्या से बचने के लिए भी टोफू लाभकारी हो सकता है। मधुमेह के मरीज अपनी डाइट में प्रोटीन युक्त टोफू को शामिल कर सकते हैं। सोय युक्त टोफू कम कार्बोहाइड्रेट वाला खाद्य पदार्थ है, जिसका सेवन डायबिटीज में लाभकारी हो सकता है। ध्यान रहे कि डायबिटीज के मरीज अनस्वीटेंड यानी बिना मीठा वाले टोफू का सेवन करें, क्योंकि मीठा सोया खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर से होती है । किडनी के लिए टोफू किडनी के लिए टोफू लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध में यह बात सामने आई है कि सोया प्रोटीन अन्य उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन की तुलना में गुर्दे पर कम तनाव डालता है। इससे डायबिटीज में होने वाले किडनी की समस्या का जोखिम कम हो सकता है। किडनी की समस्या से परेशान लोग टोफू को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। फिर भी इस बारे में एक बार डॉक्टरी सलाह भी लें, क्योंकि टोफू का सेवन मरीज की स्थिति पर भी निर्भर करता है। मांसाहार का अच्छा विकल्प टोफू मांसाहार का अच्छा विकल्प हो सकता है। टोफू प्रोटीन का स्त्रोत है। इसलिए, जो लोग नॉन वेज या डेयरी प्रोडक्ट नहीं खाते हैं, उनके लिए टोफू अच्छा विकल्प हो सकता है। एक स्वस्थ डाइट प्लान में टोफू को शामिल करके अपने आहार को पूर्ण आहार बना सकते हैं। वजन के लिए टोफू के फायदे बढ़ते वजन की समस्या को सही दिनचर्या और संतुलित आहार से कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए आहार में टोफू को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि सोया प्रोडक्ट या उसके सप्लीमेंट्स मोटापे की समस्या पर असरदार हो सकते हैं। इसके सेवन से भूख कम हो सकती है और शरीर के अधिक फैट को भी कम किया जा सकता है । एक अन्य स्टडी में सोया प्रोडक्ट में मौजूद आइसोफ्लेवोंस को वजन कम करने में सहायक पाया गया है । ऐसे में कई लोग वेटलॉस डाइट में टोफू को शामिल करते हैं। लिवर के लिए टोफू टोफू का सेवन लिवर को स्वस्थ रखने के लिए भी किया जा सकता है। दरसअल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, एसिटामिनोफेन (acetaminophen) दवा की वजह से चूहों का लिवर डैमेज हो गया था। ऐसे में उन्हें टोफू देने से उनके लिवर में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया। टोफू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और हेपटोप्रोटेक्टिव गुण लिवर डैमेज के जोखिम को कम करने में मददगार साबित हो सकता है । रजोनिवृत्ति के लक्षण के लिए टोफू टोफू मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति (एक उम्र के बाद पीरियड्स का बंद होना) में भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, यह मेनोपॉज के बाद होने वाले लक्षण हॉट फ्लैशेज की समस्या से कुछ हद तक राहत दिला सकता है। हॉट फ्लैशेज में महिलाओं को अचानक शरीर में तेज गर्मी महूसस होने लगती है या पसीना आने लगता है। हालांकि, मेनोपॉज में सोया युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर कुछ संशय भी है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित, शोध के अनुसार 10 में से चार स्टडी में यह पाया गया कि सोया आहार का सेवन हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। वहीं, एक परिणाम में यह पता चला कि सोया युक्त आहार लक्षणों को और ज्यादा बिगाड़ सकता है। वहीं, कुछ मामलों में लाभकारी भी पाया गया । लिहाजा, रजोनिवृत्ति के मामले में टोफू का सेवन डॉक्टर से पूछकर करना ही सही रहेगा। हड्डियों के लिए टोफू खाने के फायदे कैल्शियम ऐसा पोषक तत्व है, जो हड्डियों के लिए लाभकारी है। कई लोगों को यह जानकर हैरानी हो सकती है कि शरीर करीब 99 प्रतिशत तक कैल्शियम को स्टोर करके रखता है, ताकि हड्डियों और दांतों को मजबूती मिल सके। ऐसे में कैल्शियम के लिए टोफू का सेवन अच्छा विकल्प हो सकता है। जो लोग दूध या मांसाहारी आहार का सेवन नहीं करते, वो भी टोफू खा सकते हैं। प्रोटीन से भरपूर टोफू अन्य पोषक तत्वों की तरह ही प्रोटीन भी मानव शरीर के लिए आवश्यक है। मानव शरीर की हर कोशिका प्रोटीन से बनी है। बच्चों, वयस्कों और गर्भवती महिलाओं के लिए प्रोटीन जरूरी है। इतना ही नहीं प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों और शरीर में ऊर्जा के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में अपने डाइट में प्रोटीन को शामिल करने के लिए टोफू का सेवन किया जा सकता है। टोफू प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है । कैंसर से बचाव के लिए टोफू टोफू का सेवन कैंसर से बचाव करने में भी सहायक हो सकता है। दरअसल, टोफू में मौजूद आइसोफ्लेवोंस और सोया प्रोटीन ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं। डाइट में टोफू को शामिल करना न सिर्फ स्वास्थ्यवर्धक हो सकता है, बल्कि गंभीर बीमारी के जोखिम से बचा सकता है। साथ ही हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर जानलेवा बीमारी है। टोफू सिर्फ कैंसर से बचा सकता है, लेकिन अगर किसी को कैंसर है, तो उसे डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए। त्वचा के लिए टोफू टोफू का सेवन त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, सोया उत्पादों में मौजूद आइसोफ्लेवोंस त्वचा के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। सोया प्रोडक्ट या उसके सप्लीमेंट के सेवन से त्वचा पर झुर्रियों व पिगमेंटेशन जैसी समस्या में सुधार हो सकता है। इतना ही नहीं आइसोफ्लेवोंस त्वचा की इलास्टिसिटी में भी सुधार कर सकता है । बालों के स्वास्थ्य के लिए टोफू टोफू का सेवन बालों के लिए भी लाभकारी हो सकता है। दरअसल, प्रोटीन बालों के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। प्रोटीन की कमी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रोटीन युक्त टोफू बालों के लिए उपयोगी हो सकता है। टोफू का सेवन बालों के झड़ने से बचाव करने में भी सहायक हो सकता है । टोफू खाने के नुकसान – इसमें कोई शक नहीं है कि टोफू खाने के फायदे कई सारे हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन से टोफू पनीर के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। तो यहां जानिए सोया पनीर के नुकसान :
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