| चुक्रिका दूर करे कई बीमारियां |
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अभी तक आपने चुक्रिका के बारे में जाना लेकिन क्या यह जानना नहीं चाहेंगे कि किन-किन बीमारियों के लिए चुक्रिया का प्रयोग किया जाता है। चलिये अब इसके बारे में जानते हैं-
्रवाहिका या पेचिश में फायदेमंद चुक्रिका किसी खाने से संक्रमण हो जाने पर दस्त की स्थिति और भी बदतर हो जाने पर मल के साथ खून आने लगता है तो यह स्थिति शरीर के लिए गंभीर हो जाती है। चुक्रिका के भूने हुए बीजों को 1-2 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से प्रवाहिका में लाभ होता है। अतिसार या दस्त में चुक्रिका के फायदे अगर ज्यादा मसालेदार खाना, पैकेज़्ड फूड या बाहर का खाना खा लेने के कारण दस्त है कि रूकने का नाम ही नहीं ले रहा तो चुक्रिका का घरेलू उपाय बहुत काम आयेगा।
छर्दी या उल्टी से दिलाये राहत चुक्रिका अक्सर किसी बीमारी के वजह से या खान-पान में गड़बड़ी होने के कारण उल्टी महसूस हो तो चुक्रिका से किया गया घरेलू इलाज बहुत ही फायदेमंद होता है। ताजे पत्ते का रस (5-10 मिली) में तक्र मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करने से पित्त के कारण हुए उल्टी या छर्दि से राहत मिलती है। रक्तार्श या खूनी बवासीर में चुक्रिका के फायदे अक्सर कब्ज के कारण या किसी बीमारी के वजह से बवासीर की स्थिति गंभीर हो जाती है और उससे खून निकलने लगता है।
कामला या पीलिया में लाभकारी चुक्रिका अगर आपको पीलिया हुआ है और आप इसके लक्षणों से परेशान हैं तो चुक्रिका का सेवन इस तरह से कर सकते हैं। 10-15 मिली चुक्रिका पत्ते के रस में तक्र मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करने से पीलिया में लाभ होता है। रक्त संबंधी बीमारियों में फायदेमंद चुक्रिका 5-10 मिली चुक्रिका-जड़ का रस या फाण्ट का सेवन करने से रक्त शुद्ध होकर रक्त संबंधित बीमारियों में लाभ होता है। दांत दर्द से दिलाये राहत चुक्रिका अगर दांत दर्द से परेशान हैं तो चुक्रिका का इस तरह से सेवन करने पर जल्दी आराम मिलता है। कान दर्द में चुक्रिका के फायदे अगर सर्दी-खांसी या किसी बीमारी के साइड इफेक्ट के तौर पर कान में दर्द होता है तो चुक्रिका से इस तरह से इलाज करने पर आराम मिलता है। चुक्रिका रस को हल्का गर्म करके 1-2 बूंद कान में डालने से कान के दर्द से राहत मिलती है। सांप के काटने पर चुक्रिका का प्रयोग चुक्रिका का औषधीय गुण सांप के विष के असर को कम करने में काम आता है। चुक्रिका पत्ते के पेस्ट को सांप के काटे हुए स्थान पर लगाने से दर्द और जलन जैसे विषाक्त प्रभावों का असर कम हो जाता है। बिच्छू के असर को कम करता है चुक्रिका चुक्रिका बिच्छु के काटने पर विष के असर को कम करने में मदद करता है। चुक्रिका के बीजों को भूनकर, पीसकर बिच्छू के दंश स्थान पर लगाने से दंश के कारण होने वाले जलन तथा दर्द से राहत मिलती है। चुक्रिका के उपयोगी भाग आयुर्वेद में चुक्रिका में पत्ते, बीज एवं पञ्चाङ्ग का प्रयोग औषधि के रूप में सबसे ज्यादा किया जाता है। |