आयरन से भरपूर होने के कारण यह एनीमिया के मरीजों के लिए किसी वरदान से काम नहीं है।
- डायरिया होने पर करौंदा राहत प्रदान करता है।
- इसमें विटामिन-सी होता है जो टिशू के विकास और मरम्मत के लिए लाभदायक होता है। कई बार इसका इस्तेमाल स्कर्वी के इलाज के लिए भी किया जाता है।
- बुखार में इसका इस्तेमाल एंटीपायरेटिक यानि बुखार को कम करने वाली दवा के रूप में किया जाता है।
- इसके फल का सेवन करने से शरीर पर प्रजीविरोधी प्रभाव पड़ता है, जो पैरासिटिक कीड़ों को शरीर से बाहर निकालता है।
- यह शरीर के अंदर सूजन होने से रोक सकता है।
- इसमें दर्द निवारक गुण होते हैं जो किसी भी तरह के दर्द से राहत दिलाने का काम करते हैं।
- कब्ज से राहत पाने के लिए करौंदा खाने की सलाह दी जाती है।
- जख्मों को भरने के लिए इसकी पत्तियों और जड़ का पेस्ट बनाकर लगाया जाता है।
- करौंदा शुगर लेवल को कम कर डायबिटीज से बचाता है।
- यह पाचन तंत्र को मजबूत कर पेट से संबंधित परेशानियों को दूर रखता है। पेट दर्द में अक्सर इसे रिकमेंड किया जाता है।
- साइटो-टॉक्सिक विशेषताओं के कारण करौंदा कैंसर और ट्यूमर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकता है। यही कारण है कि इसे कैंसर और ट्यूमर के रोगियों के लिए लाभकारी माना जाता है।
- करौंदे में खून को साफ करने वाले गुण होते हैं।
- यह एंग्जायटी को दूर करने में मददगार है।
- अपच और पेट एवं पाचन से जुड़े विकारों को दूर करने में भी करौंदा कारगर होता है।
- शरीर के लिए यह एक कार्डियो टॉनिक (हृदय को शक्ति देने वाला) की तरह काम करता है। यह हृदय के कार्यों को नियंत्रित कर हृदय रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।
- करौंदा कफ को दूर करता है।
- अंदरूनी ब्लीडिंग में इसे उपयोगी बताया गया है।
करौंदे से क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?
ज्यादातर लोगों के लिए करौंदे का सीमित मात्रा में सेवन करना सुरक्षित है। अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से हाइपर-एसिडिटी की समस्या हो सकता है।
करौंदे के सेवन से होने वाले सभी साइड इफेक्ट यहां नहीं बताए गए हैं। यदि आपको इसकी खुराक लेने के बाद किसी तरह के साइड इफेक्ट्स नजर आते हैं
, तो तुरंत इसका सेवन करना बंद कर दें और अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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