| चम्पा में हैं अनेक बेहरतरीन गुण |
|
चम्पा के फायदे और उपयोग चम्पा के फायदे, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः-
चम्पा के औषधीय गुण से सिर दर्द का इलाज सिर दर्द में चम्पा के फूल के इस्तेमाल से फायदे मिलते हैं। आप चम्पा के फूल के तेल को सिर पर लगाएं। इसे लगाने से सिर दर्द मिटता है। आंखों की बीमारियों में चम्पा का औषधीय गुण फायेदमंद चम्पा के कोमल पत्तों को पीस लें। इसे पानी में मिलाकर छान लें। इसे 1-2 बूंद की मात्रा में आंखों में डालने से आंखों की बीमारियों और सूजन में लाभ मिलता है। उपाय करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें। कान दर्द में चम्पा का औषधीय गुण फायेदमंद कान दर्द में भी चम्पा से लाभ मिलता है। चम्पा के फूल के रस को हल्का गुनगुना कर लें। इसे 1-2 बूंद कान में डालें। इससे कान दर्द ठीक हो जाता है। सूखी खांसी में चम्पा के सेवन से लाभ सूखी खांसी से परेशान हैं तो चम्पा के औषधीय गुण से फायदा ले सकते हैं। चम्पा की छाल का 1-2 ग्राम चूर्ण बना लें। इसमें शहद मिलाकर चाटने से सूखी खांसी खत्म हो जाती है। सफेद दाग के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है चम्पा चम्पा के तेल में तिल का तेल मिला लें। इसे सफेद दाग पर लगाने से लाभ होता है। चम्पा के फलों और फूलों को पीस लें। इसे सफेद दाग में डालने से लाभ होता है। चम्पा के औषधीय गुण से मूत्र रोग का इलाज चम्पा के 5-10 फूलों को पीसकर ठंढई की तरह पिलाएं। इसे मूत्र रोग जैसे पेशाब में दर्द होना, पेशाब रुक-रुक कर होने आदि में फायदा मिलता है। इसके साथ ही गुर्दे के रोग भी खत्म होते हैं। पथरी की बीमारी में चम्पा के सेवन से लाभ पथरी होने पर चम्पा के औषधीय गुण से फायदा होता है। 500 मिग्रा चम्पा की जड़ और फूल को बकरी के दूध के साथ पीस लें। इसे पीएं। इससे मूत्राशय की छोटी पथरी निकल जाती है। पेट दर्द में चम्पा के सेवन से लाभ 5 मिली चम्पा के पत्ते के रस में मधु मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द ठीक होता है। चम्पा के फूलों का काढ़ा बना लें। 10-20 मिली मात्रा में काढ़ा को पिलाने से पेट दर्द ठीक होता है। गैस की समस्या में चम्पा से लाभ चम्पा के बीजों से तेल निकाल लें। इससे पेट पर मालिश करने से पेट फूलने या गैस की समस्या में लाभ होता है। पेट में कीड़े होने पर चम्पा के सेवन से लाभ चम्पा के ताजा पत्ते को पीस कर 5-10 मिली रस निकाल लें। इसमें शहद मिलाकर पिलाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर मिलें। योनि से बदबू (दुर्गन्ध) के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है चम्पा चम्पा के पत्ते, जाती फूल और मुलेठी से पेस्ट बना लें। इसे 1-2 ग्राम की कमात्रा में लेकर घी में मिला लें। इसे गुनगुना करके योनि में लेप करें। इससे योनि की दुर्गन्ध (बदबू) दूर होती है। चम्पा के औषधीय गुण से दर्द और सूजन का इलाज शरीर के किसी अंग में दर्द हो, साथ ही सूजन भी हो गई हो तो आप चम्पा के इस्तेमाल से लाभ ले सकते हैं। इसके लिए चम्पा की छाल को पीस लें। इसे गुनगुना कर बीमार अंग पर लगाएं। इससे दर्द और सूजन ठीक होती है। सिफलिस में चम्पा के इस्तेमाल से लाभ सिफलिस में भी चम्पा के औषधीय गुण से फायदा होता है। आप चम्पा के फूलों और फलों को पीस लें। इसे सिफलिश वाले घाव पर लगाएं। इससे बहुत लाभ होता है। घाव के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है चम्पा घाव होने पर भी चम्पा से फायदा होता है। चम्पा की जड़ और छाल को पीसकर घाव और सूजन वाले अंग पर लगाएं। इससे सूजन ठीक हो जाती है, और घाव जल्दी भर जाता है। गठिया में चम्पा के फायदे गठिया होने पर रोगी को बहुत तकलीफ झेलनी पड़ती है। गठिया वाले अंग पर चम्पा के पत्तों को पीसकर बांधें। इससे गठिया में फायदा होता है। आप चम्पा के फूल का तेल भी लगा सकते हैं। पैरों के फटने (एड़ी फटना या बिवाई होना) के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है चम्पा पैरों की एड़ियां फटने (बिवाई होने) पर चम्पा के इस्तेमाल से लाभ होता है। चम्पा के तेल में तिल का तेल मिला लें। इससे बिवाई का इलाज होता है। चम्पा के फलों और फूलों को पीसकर पैरों की त्वचा या एड़ी पर लगाएं। इससे पैरों की बिवाई (एड़ी का फटना) ठीक हो जाती है। मैनिया रोग में चम्पा का औषधीय गुण फायेदमंद पित्त दोष के कारण होने वाले मैनिया रोग में चम्पा के इस्तेमाल से लाभ होता है। मैनिया की बीमारी के इलाज के लिए चम्पा के 4 ताजा फूलों को शहद में मिलाकर खाएं। बुखार के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है चम्पा चम्पा की छाल का काढ़ा बना लें। इसे 10-15 मिली मात्रा में पिलाने से बुखार ठीक हो जाता है। किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें। चेहरे की झाई में चम्पा के फायदे चेहरे की झाई में चम्पा का प्रयोग करें। इससे चेहरे की झाई खत्म होती है। इसके लिए चम्पा के फूलों को पीस लें। इसमें 1-2 बूंद नींबू का रस मिला लें। इसे चेहरे पर लगाने से झांई मिटती है। सांप के काटने पर चम्पा के फायदे सफेद जाति की चम्पा के फूल की कलियों को पानी के साथ घिस लें। इसे पिलाने से सांप के काटने के कारण होने वाले दर्द, सूजन जैसे दुष्प्रभावों में लाभ होता है। |