| ग्रेवेल रुट |
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ग्रेवेल रुट का उपयोग किसलिए किया जाता है?
यह हर्ब का प्रयोग इन समस्याओं में किया जाता है:
इस जड़ी-बूटी का प्रयोग इन स्थितियों में भी लाभदायक है: यह किडनी में से गंदगी या हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे गठिए में राहत मिलती है। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को होने वाली तकलीफों को ग्रेवेल रुट कम करने में मदद करता है। किडनी की सूजन से होने वाली पीठ की दर्द से राहत पाने में भी यह सहायक है। यह बुजुर्गों और बच्चों में लगातार होने वाली मूत्र संबंधी समस्या को दूर करने में लाभदायक है। इसके सेवन से हानिकारक बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकल जाते हैं जिससे मूत्र संबंधी इंफेक्शन से भी राहत मिलती है। जब इसे मुंह के माध्यम से लिया जाए: जब इस जड़ी-बूटी को एक दवाई के रूप में लिया जाता है तो यह चिंता का कारण हो सकता है। क्योंकि, इसमें मौजूद केमिकल नसों में रक्त प्रवाह को रोक सकते हैं और लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही नहीं, यह कैंसर और जन्म संबंधी विकारों का कारण भी बन सकते हैं। त्वचा पर लगाने से: रूखी और घावों पर इस हर्ब को लगाना पूरी तरह से असुरक्षित है। क्योंकि, इसमें मौजूद हानिकारक केमिकल इस त्वचा में जल्दी से अब्सॉर्ब हो सकते हैं जो पूरे शरीर के लिए नुकसान का कारण बन सकता है । इंटरेक्शन ग्रेवेल रुट का प्रयोग करने से आपकी मौजूदा दवाई या मेडिकल स्थितियों पर प्रभाव पड़ सकता है। अगर आप किसी अन्य दवाई का सेवन कर रहे हैं तो सबसे पहले अपने डॉक्टर को अवश्य बताएं। फिर चाहे वे पर्चे वाली दवाइयां हो या गैर पर्चे वाली। यही नहीं, अगर आपको अन्य कोई बीमारी है या कोई समस्या है तो उस स्थिति में भी अगर आप इस दवाई को लेते हैं तो आपके लिए यह हानिकारक हो सकता है। इसलिए, इसके प्रयोग से पहले अपने डॉक्टर या औषधि विशेषज्ञ से अवश्य पूछें। लिथियम ग्रेवेल रुट का प्रभाव मूत्रवर्धक हो सकता है। लिथियम के साथ लेने पर इसका हमारे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप लिथियम ले रहे हैं तो इस हर्ब को लेने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य पूछें। हो सकता है कि आपकी लिथियम की खुराक कम की जाए। दवाई जो लिवर के साथ अन्य दवाईओं के विभाजन को बढ़ाएं ग्रेवेल रुट लिवर द्वारा विभाजित कर दी जाती है। जब यह हर्ब टूटती है तो कुछ केमिकल बनते हैं जो हानिकारक हो सकते हैं। दवाइयां जो लिवर द्वारा ग्रेवेल रुट के विभाजन का कारण बनती हैं वो यह हर्ब में मौजूद केमिकल के हानिकारक प्रभावों को बढ़ा सकती हैं। यह दवाइयां हैं फेनीटोइन , रिफाम्पिन, रइफबोटिन आदि। |