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नाकुली के हैं बहुत अनोखे फायदे

सर्पगन्धा और नाकुली की जड़ को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। 1-2 ग्राम चूर्ण को दो से तीन सप्ताह तक सेवन करें। इससे आधासीसी (माइग्रेन) में लाभ होता है।


दांत दर्द में नाकुली के सेवन से फायदा
दांत में दर्द होने पर आप नाकुली के औषधीय गुण से फायदा ले सकते हैं। नाकुली की जड़ लें। इससे दातुन करें या दांतों से चबाएं। इससे दांत का दर्द ठीक होता है।

घेंगा रोग में नाकुली के फायदे
घेंघा रोग में भी नाकुली का औषधीय गुण फायदेमंद होता है। इसके लिए आप नाकुली, नमक और सोंठ को पानी में घिस लें। इससे बीमार अंग पर लेप करें। इससे लाभ होता है।

नाकुली के औषधीय गुण से पेट की बीमारियों का इलाज
3 भाग नाकुली और 2 भाग काली मिर्च को पीसकर पेट पर लगाएं। इससे पेट की बीमारियों में फायदा होता है। 5-10 मिली नाकुली के पत्ते के रस को पिलाने से जलोदर रोग में लाभ होता है।

नाकुली के औषधीय गुण से हैजा का इलाज
हैजा में नाकुली के इस्तेमाल से फायदा होता है। इसके लिए नाकुली के पत्ते का रस निकाल लें। इसे पेट पर लेप करें। इससे हैजा में लाभ होता है।

जोड़ों के दर्द में नाकुली के फायदे
जोड़ों में दर्द हो तो नाकुली का उपयोग बहुत लाभ पहुंचाता है। इसके लिए आपको ईश्वरी की जड़ को पीस लेना है। इस पेस्ट को दर्द वाले स्थान पर लगाना है। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।

कुष्ठ रोग के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है नाकुली
कुष्ठ रोग में भी नाकुली के इस्तेमाल से लाभ होता है। 1-2 ग्राम नाकुली की सूखी जड़ का चूर्ण बना लें। इसमें मधु मिलाकर प्रयोग करें। इससे सफेद दाग आदि कुष्ठ रोग में लाभ होता है।

फोड़े के इलाज की आयुर्वेदिक दवा है नाकुली
तीन भाग नाकुली के तने की छाल और एक भाग हरिद्रा को मिला लें। इसे पीसकर एलर्जी के कारण होने वाले फफोलों पर लेप करें। इससे लाभ मिलता है।

सूजन में नाकुली से फायदा
लाल पुनर्नवा, कनेर के पत्ते, पलाश, इसरजड़, शालपर्णी, पृश्निपर्णी आदि द्रव्यों को पीसकर गुनगुना कर लें। इसका लेप करने से सूजन में लाभ होता है।

टाइफाइड बुखार में नाकुली के सेवन से लाभ
टाइफाइड बुखार में भी ईसरजड़ के सेवन से लाभ होता है। रोगी 1 ग्राम जड़ के चूर्ण का सेवन करे। इससे टाइफाइड में लाभ होता है।

हाई ब्लडप्रेशर में नाकुली के सेवन से लाभ
हाई ब्लडप्रेशर में ईश्वरजड़ का सेवन करें। इससे बहुत फायदा होता है। 1 से 2 ग्राम नाकुली की जड़ चूर्ण में मधु मिला लें। इसे दो से तीन सप्ताह तक प्रयोग करें। इससे हाई ब्लडप्रेशर में लाभ होता है।

सांप के डसने पर करें आयुर्वेदिक दवा से उपाय
नाकुली सांप के डसने पर राहत पहुंचाने वाली सबसे अच्छी औषधि मानी जाती है। आप सांप के डसने के बाद तुरंत थोड़ा-सा विष-युक्त खून निकाल लें। इसके बाद गुंजा और नाकुली की जड़ को पीसकर उस स्थान पर लेप करें। काले सांप के काटने पर काटने वाले स्थान पर थोड़ा खून निकाल लें। इसके बाद गुंजा और नाकुली या तीक्ष्ण जड़विष आदि को पीसकर लेप करें। इससे लाभ होता है। इससे सांप के डसने का उत्तम इलाज होता है। नाकुली की जड़ और 7 काली मरिच को पीसकर सांप के काटने वाले स्थान पर लगाएं। इससे सांप का विष का असर कम होता है, और विष से होने वाला नुकसान जैसे दर्द, जलन आदि से आराम मिलता है। 3 नाकुली के पत्ते में 7 काली मिर्च पीसकर पिलाएं। इससे सांप के डसने से होने वाली जलन, दर्द आदि प्रभाव ठीक होता है।